ग्रहण 2027: सूर्य और चंद्र ग्रहण की तारीखें
2027 में कुल 5 ग्रहण हैं: 2 सूर्य ग्रहण और 3 उपच्छाया चंद्र ग्रहण। इनमें से भारत में ठीक से सिर्फ़ 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण दिखेगा, आंशिक रूप में।
सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027: दिल्ली में समय
| सूतक शुरू | 3:54 AM ग्रहण से 12 घंटे पहले (परंपरा के अनुसार) |
|---|---|
| ग्रहण शुरू (स्पर्श) | 3:54 PM |
| सबसे ज़्यादा (मध्य) | 4:29 PM सूर्य का लगभग 17% व्यास ढका होगा |
| ग्रहण समाप्त (मोक्ष) | 5:02 PM इसी के साथ सूतक भी समाप्त |
सूर्य ग्रहण को कभी भी सीधी आँख से, धूप के चश्मे या एक्स-रे फ़िल्म से न देखें। केवल प्रमाणित सोलर फ़िल्टर वाले चश्मे से या पिनहोल प्रोजेक्शन से देखें।
सभी शहरों का समय (2 अगस्त 2027)
| शहर | शुरू | मध्य | समाप्त | ढका भाग |
|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | 3:54 PM | 4:29 PM | 5:02 PM | 17% |
| मुंबई | 3:48 PM | 4:42 PM | 5:31 PM | 43% |
| कोलकाता | 4:15 PM | 4:44 PM | 5:12 PM | 14% |
| चेन्नई | 4:03 PM | 4:54 PM | 5:41 PM | 45% |
| बेंगलुरु | 3:59 PM | 4:53 PM | 5:43 PM | 49% |
| हैदराबाद | 3:59 PM | 4:48 PM | 5:33 PM | 38% |
| अहमदाबाद | 3:45 PM | 4:35 PM | 5:21 PM | 35% |
| पुणे | 3:50 PM | 4:43 PM | 5:32 PM | 43% |
| जयपुर | 3:51 PM | 4:31 PM | 5:09 PM | 22% |
| लखनऊ | 4:02 PM | 4:34 PM | 5:05 PM | 15% |
| वाराणसी | 4:06 PM | 4:38 PM | 5:08 PM | 15% |
| अयोध्या | 4:05 PM | 4:35 PM | 5:04 PM | 13% |
| उज्जैन | 3:52 PM | 4:37 PM | 5:19 PM | 30% |
| भोपाल | 3:55 PM | 4:38 PM | 5:18 PM | 27% |
| इंदौर | 3:52 PM | 4:38 PM | 5:21 PM | 30% |
| पटना | 4:11 PM | 4:38 PM | 5:05 PM | 12% |
| नागपुर | 3:59 PM | 4:42 PM | 5:23 PM | 29% |
| सूरत | 3:47 PM | 4:38 PM | 5:26 PM | 38% |
2027 के सभी ग्रहण
| तारीख | ग्रहण |
|---|---|
| 6 फ़रवरी 2027 | वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा मध्य: 6 फ़रवरी, 9:30 PM (भारतीय समय) कहाँ दिखेगा: दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक महासागर और अफ़्रीका के कुछ हिस्से भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सूतक नहीं लगेगा। |
| 21 फ़रवरी 2027 | उपच्छाया चंद्र ग्रहण भारत में, पर बहुत हल्का (उपच्छाया) समय (भारतीय): 21 फ़रवरी, 2:42 AM से 21 फ़रवरी, 6:43 AM तक कहाँ दिखेगा: भारत सहित एशिया, यूरोप, अफ़्रीका चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया (उपच्छाया) से ही गुज़रेगा, इसलिए आँख से फ़र्क लगभग नहीं दिखेगा। परंपरा में उपच्छाया ग्रहण को ग्रहण नहीं माना जाता और इसका सूतक नहीं लगता। |
| 18 जुलाई 2027 | उपच्छाया चंद्र ग्रहण भारत में, पर बहुत हल्का (उपच्छाया) समय (भारतीय): 18 जुलाई, 9:27 PM से 18 जुलाई, 9:39 PM तक कहाँ दिखेगा: भारत सहित एशिया और ऑस्ट्रेलिया केवल 12 मिनट का बहुत हल्का उपच्छाया ग्रहण, आँख से दिखना लगभग असंभव। सूतक नहीं लगेगा। |
| 2 अगस्त 2027 | पूर्ण सूर्य ग्रहण (भारत में खंडग्रास, यानी आंशिक) भारत में दिखेगा मध्य: 2 अगस्त, 3:37 PM (भारतीय समय) कहाँ दिखेगा: पूर्णता: स्पेन, उत्तरी अफ़्रीका (मिस्र), सऊदी अरब, यमन। आंशिक: पूरे भारत में भारत में आंशिक रूप से दिखेगा, दक्षिण भारत में ज़्यादा और पूर्व-उत्तर में कम। जहाँ ग्रहण दिखेगा वहाँ सूतक ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले से माना जाता है। |
| 17 अगस्त 2027 | उपच्छाया चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा समय (भारतीय): 17 अगस्त, 10:54 AM से 17 अगस्त, 2:33 PM तक कहाँ दिखेगा: अमेरिका और प्रशांत महासागर उस समय भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा, इसलिए भारत में नहीं दिखेगा और सूतक नहीं लगेगा। |
सूतक और ग्रहण के नियम (परंपरा के अनुसार)
- सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण का 9 घंटे पहले शुरू माना जाता है, और ग्रहण खत्म होने पर समाप्त होता है।
- सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखाई दे। उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक नहीं माना जाता।
- सूतक में मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं, मूर्ति स्पर्श और भोजन बनाना-खाना टाला जाता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह नियम ढीला माना जाता है।
- ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और भजन का विशेष महत्व है। खाने-पीने की चीज़ों में तुलसी दल या कुशा डालकर रखा जाता है।
- ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान, घर की सफ़ाई और दान करने की परंपरा है।
ग्रहणों की सूची और विश्व-समय NASA की ग्रहण सूची से हैं; भारत के शहरों का स्थानीय समय हमने स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला है। स्थानीय पंचांग से 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है।
