चंद्र मूल मंत्र
चंद्र देव · सोमवार
ॐ सों सोमाय नमः ।
Om som somaya namah |
अर्थ
"सोम" यानी चंद्र देव को नमस्कार।
लाभ (परंपरा के अनुसार)
सोमवार की शाम चंद्र दर्शन के समय इसका जाप किया जाता है।
जाप की विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; सफ़ेद रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और चंद्र देव का ध्यान करें।
- दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
- सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; सोमवार को इसका विशेष महत्व है।
- ग्रह शांति के संकल्प में यह जाप कुल 11,000 बार (लगभग 102 माला) कई दिनों में पूरा किया जाता है।
- जाप के बाद चावल जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।
सवाल-जवाब
चंद्र मूल मंत्र कब जपना चाहिए?
रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से सोमवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।
चंद्र मूल मंत्र कितनी बार जपें?
सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार। ग्रह शांति के संकल्प में कुल 11,000 जाप कई दिनों में पूरे किए जाते हैं।
चंद्र मूल मंत्र का अर्थ क्या है?
"सोम" यानी चंद्र देव को नमस्कार।
