छठ पूजा
अगली बार: रविवार, 15 नवंबर 2026 (29 दिन बाद)
कार्तिक शुक्ल षष्ठी को सूर्य देव और छठी मैया को डूबते सूर्य का अर्घ्य दिया जाता है।
शुभ मुहूर्त: रविवार, 15 नवंबर 2026
| षष्ठी तिथि | 14 नवंबर, 11:24 PM से 16 नवंबर, 2:01 AM तिथि का आरंभ और समाप्ति |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:44 AM से 12:27 PM दिन का सबसे शुभ समय |
इस समय पूजा शुरू न करें
| राहुकाल | 4:07 PM से 5:27 PM |
|---|---|
| यमगंड | 12:05 PM से 1:26 PM |
सूर्योदय 6:43 AM, सूर्यास्त 5:27 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
सूर्य देव की पूजा विधि
- सूर्योदय के समय स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें।
- ताँबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालें।
- पूर्व की ओर मुख करके सूर्य देव को धीरे-धीरे अर्घ्य दें।
- अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र का जाप करें।
- अंत में हाथ जोड़कर परिवार की कुशलता की प्रार्थना करें।
पूजा सामग्री
- ताँबे का लोटा
- स्वच्छ जल
- लाल फूल
- अक्षत (चावल)
- रोली या लाल चंदन
- गुड़
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।