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सूर्य देव के मंत्र
सूर्य देव प्रत्यक्ष देवता और नवग्रहों के राजा हैं। रविवार उनका दिन है। परंपरा में सूर्य को आत्मबल, आरोग्य, यश और पिता के सुख का कारक माना जाता है।
सूर्य मूल मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः ।
अर्थ: "घृणि" यानी प्रकाश की किरणों वाले सूर्य देव को नमस्कार।
सूर्य बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ।
अर्थ: ह्रां, ह्रीं, ह्रौं सूर्य के बीज अक्षर हैं; इनके साथ सूर्य देव को नमस्कार।
सूर्य गायत्री मंत्र
ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि ।
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
अर्थ: हम अदिति के पुत्र आदित्य को जानें, प्रकाश देने वाले प्रभाकर का ध्यान करें; वे सूर्य देव हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
सूर्य अर्घ्य मंत्र
ॐ एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते ।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर ॥
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर ॥
अर्थ: हे हज़ारों किरणों वाले, तेज के भंडार, जगत के स्वामी सूर्य देव! मुझ पर कृपा करें और भक्ति से दिया यह अर्घ्य स्वीकार करें।
सूर्य नमस्कार के 12 नाम
ॐ मित्राय नमः । ॐ रवये नमः । ॐ सूर्याय नमः ।
ॐ भानवे नमः । ॐ खगाय नमः । ॐ पूष्णे नमः ।
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः । ॐ मरीचये नमः । ॐ आदित्याय नमः ।
ॐ सवित्रे नमः । ॐ अर्काय नमः । ॐ भास्कराय नमः ॥
ॐ भानवे नमः । ॐ खगाय नमः । ॐ पूष्णे नमः ।
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः । ॐ मरीचये नमः । ॐ आदित्याय नमः ।
ॐ सवित्रे नमः । ॐ अर्काय नमः । ॐ भास्कराय नमः ॥
अर्थ: सूर्य देव के बारह नाम: मित्र (सबके मित्र), रवि, सूर्य, भानु, खग (आकाश में चलने वाले), पूषा (पोषण करने वाले), हिरण्यगर्भ, मरीचि (किरणों वाले), आदित्य, सविता, अर्क और भास्कर।
