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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:34 PMIST
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सूर्य नमस्कार के 12 नाम

सूर्य देव · रविवार

ॐ मित्राय नमः । ॐ रवये नमः । ॐ सूर्याय नमः ।
ॐ भानवे नमः । ॐ खगाय नमः । ॐ पूष्णे नमः ।
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः । ॐ मरीचये नमः । ॐ आदित्याय नमः ।
ॐ सवित्रे नमः । ॐ अर्काय नमः । ॐ भास्कराय नमः ॥

Om mitraya namah | Om ravaye namah | Om suryaya namah |
Om bhanave namah | Om khagaya namah | Om pushne namah |
Om hiranyagarbhaya namah | Om marichaye namah | Om adityaya namah |
Om savitre namah | Om arkaya namah | Om bhaskaraya namah ||

अर्थ

सूर्य देव के बारह नाम: मित्र (सबके मित्र), रवि, सूर्य, भानु, खग (आकाश में चलने वाले), पूषा (पोषण करने वाले), हिरण्यगर्भ, मरीचि (किरणों वाले), आदित्य, सविता, अर्क और भास्कर।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

सूर्य नमस्कार के हर चक्र के साथ एक नाम बोलने की परंपरा है; यह शरीर और मन दोनों के लिए अच्छा माना जाता है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; लाल, केसरिया रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और सूर्य देव का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; रविवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. ग्रह शांति के संकल्प में यह जाप कुल 7,000 बार (लगभग 65 माला) कई दिनों में पूरा किया जाता है।
  6. जाप के बाद गेहूँ जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

सूर्य नमस्कार के 12 नाम कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से रविवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

सूर्य नमस्कार के 12 नाम कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार। ग्रह शांति के संकल्प में कुल 7,000 जाप कई दिनों में पूरे किए जाते हैं।

सूर्य नमस्कार के 12 नाम का अर्थ क्या है?

सूर्य देव के बारह नाम: मित्र (सबके मित्र), रवि, सूर्य, भानु, खग (आकाश में चलने वाले), पूषा (पोषण करने वाले), हिरण्यगर्भ, मरीचि (किरणों वाले), आदित्य, सविता, अर्क और भास्कर।

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