श्री कृष्ण जन्माष्टमी
अगली बार: बुधवार, 25 अगस्त 2027 (312 दिन बाद)
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की आधी रात को श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
शुभ मुहूर्त: बुधवार, 25 अगस्त 2027
| अष्टमी तिथि | 24 अगस्त, 8:25 PM से 7:20 PM तिथि का आरंभ और समाप्ति |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:57 AM से 12:49 PM बुधवार को मान्य नहीं |
इस समय पूजा शुरू न करें
| राहुकाल | 12:23 PM से 2:00 PM |
|---|---|
| यमगंड | 7:32 AM से 9:09 AM |
सूर्योदय 5:55 AM, सूर्यास्त 6:51 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
श्री कृष्ण की पूजा विधि
- बाल गोपाल को पंचामृत से स्नान कराएँ।
- नए वस्त्र और मोरपंख से श्रृंगार करें।
- माखन-मिश्री और तुलसी का भोग लगाएँ।
- झूला झुलाएँ और भजन-कीर्तन करें।
- आरती करके प्रसाद बाँटें।
पूजा सामग्री
- पंचामृत
- माखन-मिश्री
- तुलसी
- मोरपंख
- पीले वस्त्र
- झूला
- धूप-दीप
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।