महाशिवरात्रि
अगली बार: शनिवार, 6 मार्च 2027 (140 दिन बाद)
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात भगवान शिव की चार प्रहर पूजा और जागरण किया जाता है।
शुभ मुहूर्त: शनिवार, 6 मार्च 2027
| चतुर्दशी तिथि | 12:03 PM से 7 मार्च, 1:47 PM तिथि का आरंभ और समाप्ति |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 12:09 PM से 12:55 PM दिन का सबसे शुभ समय |
इस समय पूजा शुरू न करें
| राहुकाल | 9:36 AM से 11:04 AM |
|---|---|
| यमगंड | 2:00 PM से 3:28 PM |
सूर्योदय 6:41 AM, सूर्यास्त 6:23 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
भगवान शिव की पूजा विधि
- स्नान के बाद शिवलिंग या शिव प्रतिमा के सामने आसन बिछाएँ।
- शिवलिंग पर जल या गंगाजल चढ़ाएँ, फिर कच्चा दूध अर्पित करें।
- बेलपत्र, धतूरा और सफ़ेद फूल चढ़ाएँ।
- धूप-दीप जलाकर "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें।
- शिव चालीसा या शिव आरती करके प्रसाद बाँटें।
पूजा सामग्री
- गंगाजल
- कच्चा दूध
- बेलपत्र
- धतूरा
- सफ़ेद फूल
- चंदन
- धूप-दीप
- भस्म (वैकल्पिक)
- मिश्री या फल
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।