मकर संक्रांति
अगली बार: गुरुवार, 14 जनवरी 2027 (89 दिन बाद)
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर स्नान, दान और तिल-गुड़ का विशेष महत्व है।
सूर्य देव की पूजा विधि
- सूर्योदय के समय स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें।
- ताँबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालें।
- पूर्व की ओर मुख करके सूर्य देव को धीरे-धीरे अर्घ्य दें।
- अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र का जाप करें।
- अंत में हाथ जोड़कर परिवार की कुशलता की प्रार्थना करें।
पूजा सामग्री
- ताँबे का लोटा
- स्वच्छ जल
- लाल फूल
- अक्षत (चावल)
- रोली या लाल चंदन
- गुड़
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।