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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:49 PMIST
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नवार्ण मंत्र

माँ दुर्गा · शुक्रवार

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ।

Om aim hrim klim chamundayai vichche |

अर्थ

ऐं (सरस्वती), ह्रीं (लक्ष्मी), क्लीं (काली) बीजों के साथ माँ चामुंडा की उपासना। इसमें नौ अक्षर हैं, इसलिए यह नवार्ण मंत्र कहलाता है।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

नवरात्रि में इसका जाप सबसे प्रचलित है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; लाल रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और माँ दुर्गा का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; शुक्रवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
  6. जाप के बाद लाल चुनरी जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

नवार्ण मंत्र कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से शुक्रवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

नवार्ण मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।

नवार्ण मंत्र का अर्थ क्या है?

ऐं (सरस्वती), ह्रीं (लक्ष्मी), क्लीं (काली) बीजों के साथ माँ चामुंडा की उपासना। इसमें नौ अक्षर हैं, इसलिए यह नवार्ण मंत्र कहलाता है।

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