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॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:43 PMIST
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नारायण अष्टाक्षर मंत्र

भगवान विष्णु · गुरुवार

ॐ नमो नारायणाय ।

Om namo narayanaya |

अर्थ

भगवान नारायण को नमस्कार। इसमें आठ अक्षर हैं।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

मन की शांति और भक्ति के लिए इसका जाप किया जाता है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; पीला रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और भगवान विष्णु का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; गुरुवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
  6. जाप के बाद चने की दाल जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

नारायण अष्टाक्षर मंत्र कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से गुरुवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

नारायण अष्टाक्षर मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।

नारायण अष्टाक्षर मंत्र का अर्थ क्या है?

भगवान नारायण को नमस्कार। इसमें आठ अक्षर हैं।

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