देवउठनी एकादशी
अगली बार: शनिवार, 21 नवंबर 2026 (35 दिन बाद)
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं। तुलसी विवाह भी इसी समय होता है।
भगवान विष्णु की पूजा विधि
- स्नान करके पीले वस्त्र पहनें।
- विष्णु जी या शालिग्राम को पंचामृत से स्नान कराएँ।
- पीले फूल, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।
- पीली मिठाई या फल का भोग लगाएँ (तुलसी के साथ)।
- विष्णु मंत्र जपकर "ॐ जय जगदीश हरे" आरती करें।
पूजा सामग्री
- तुलसी दल
- पीले फूल
- पंचामृत
- चंदन
- पीली मिठाई / केला
- धूप-दीप
- अक्षत
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।