श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:33:37 PMIST
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हनुमान गायत्री मंत्र

हनुमान जी · मंगलवार और शनिवार

ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि ।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ॥

Om anjaneyaya vidmahe vayuputraya dhimahi |
tanno hanumat prachodayat ||

अर्थ

हम अंजनी पुत्र को जानें, पवन पुत्र का ध्यान करें; वे हनुमान जी हमें प्रेरणा दें।

लाभ (परंपरा के अनुसार)

बल, बुद्धि और साहस के लिए इसका जाप शुभ माना जाता है।

जाप की विधि

  1. स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; लाल, केसरिया रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और हनुमान जी का ध्यान करें।
  3. दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
  4. सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; मंगलवार और शनिवार को इसका विशेष महत्व है।
  5. रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
  6. जाप के बाद गुड़ जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।

सवाल-जवाब

हनुमान गायत्री मंत्र कब जपना चाहिए?

रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।

हनुमान गायत्री मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।

हनुमान गायत्री मंत्र का अर्थ क्या है?

हम अंजनी पुत्र को जानें, पवन पुत्र का ध्यान करें; वे हनुमान जी हमें प्रेरणा दें।

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