हनुमान मूल मंत्र
हनुमान जी · मंगलवार और शनिवार
ॐ हं हनुमते नमः ।
Om ham hanumate namah |
अर्थ
"हं" हनुमान जी का बीज अक्षर है; इसके साथ हनुमान जी को नमस्कार।
लाभ (परंपरा के अनुसार)
भय, संकट और नकारात्मक विचारों से बचने के लिए इसका जाप किया जाता है।
जाप की विधि
- स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें; लाल, केसरिया रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर मुँह करके आसन पर बैठें और हनुमान जी का ध्यान करें।
- दीपक जलाकर रुद्राक्ष, तुलसी या चंदन की माला से जाप करें; एक माला में 108 बार।
- सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय के आसपास है; मंगलवार और शनिवार को इसका विशेष महत्व है।
- रोज़ कम से कम एक माला का नियम बनाना अच्छा माना जाता है।
- जाप के बाद गुड़ जैसी चीज़ का दान करें और मन में प्रार्थना करके उठें।
सवाल-जवाब
हनुमान मूल मंत्र कब जपना चाहिए?
रोज़ सुबह स्नान के बाद, और विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को। शांत मन और साफ़ जगह पर जाप करना अच्छा माना जाता है।
हनुमान मूल मंत्र कितनी बार जपें?
सामान्य रूप से रोज़ एक माला यानी 108 बार।
हनुमान मूल मंत्र का अर्थ क्या है?
"हं" हनुमान जी का बीज अक्षर है; इसके साथ हनुमान जी को नमस्कार।
