कार्तिक पूर्णिमा
अगली बार: मंगलवार, 24 नवंबर 2026 (38 दिन बाद)
कार्तिक पूर्णिमा को गंगा स्नान और दीपदान का विशेष महत्व है। इसे देव दीपावली भी कहते हैं।
शुभ मुहूर्त: मंगलवार, 24 नवंबर 2026
| पूर्णिमा तिथि | 23 नवंबर, 11:43 PM से 8:24 PM तिथि का आरंभ और समाप्ति |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:46 AM से 12:28 PM दिन का सबसे शुभ समय |
इस समय पूजा शुरू न करें
| राहुकाल | 2:46 PM से 4:05 PM |
|---|---|
| यमगंड | 9:29 AM से 10:48 AM |
सूर्योदय 6:50 AM, सूर्यास्त 5:24 PM। समय दिल्ली के अनुसार है; दूसरे शहर के लिए ऊपर शहर बदलें। स्थानीय पंचांग से कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
भगवान शिव की पूजा विधि
- स्नान के बाद शिवलिंग या शिव प्रतिमा के सामने आसन बिछाएँ।
- शिवलिंग पर जल या गंगाजल चढ़ाएँ, फिर कच्चा दूध अर्पित करें।
- बेलपत्र, धतूरा और सफ़ेद फूल चढ़ाएँ।
- धूप-दीप जलाकर "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें।
- शिव चालीसा या शिव आरती करके प्रसाद बाँटें।
पूजा सामग्री
- गंगाजल
- कच्चा दूध
- बेलपत्र
- धतूरा
- सफ़ेद फूल
- चंदन
- धूप-दीप
- भस्म (वैकल्पिक)
- मिश्री या फल
यह सामान्य पूजा विधि है। अपने परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।