परिचय
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी, उत्पन्ना एकादशी की कथा और व्रत विधि, सरल हिंदी में।
महत्व
पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस व्रत और कथा से पापों का नाश और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।
सवाल-जवाब
उत्पन्ना एकादशी कब है?
4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) को, दिल्ली के समय से। पारण 5 दिसंबर को 6:59 AM से 9:04 AM के बीच।
एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?
परंपरा में एकादशी पर चावल और अनाज नहीं खाए जाते। फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू और सेंधा नमक लिया जा सकता है। निर्जला व्रत में जल भी नहीं लिया जाता। स्वास्थ्य ठीक न हो तो अपनी क्षमता के अनुसार व्रत रखें।
