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योगिनी एकादशी व्रत कथा

अगली योगिनी एकादशी: 30 जून 2027 (बुधवार) को, दिल्ली के समय से। पारण 1 जुलाई को 5:26 AM से 8:14 AM के बीच। सभी एकादशी →

भगवान विष्णु · व्रत कथा · पौराणिक कथा (रामकृपा द्वारा सरल हिंदी सार)

व्रत कथा

योगिनी एकादशी व्रत कथा

भगवान विष्णु
रचना: पौराणिक कथा (रामकृपा द्वारा सरल हिंदी सार)
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योगिनी एकादशी व्रत कथा
योगिनी एकादशी व्रत कथा

अलकापुरी में कुबेर के यहाँ हेममाली नाम का माली रोज़ पूजा के लिए फूल लाता था। एक दिन वह पत्नी के साथ समय बिताने में फूल लाना भूल गया।

पूजा में देर होने पर कुबेर ने क्रोध में उसे कोढ़ी होकर धरती पर भटकने का शाप दे दिया।

भटकते हुए वह मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम पहुँचा। ऋषि ने उसे आषाढ़ कृष्ण एकादशी, यानी योगिनी एकादशी का व्रत करने को कहा।

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योगिनी एकादशी व्रत कथा अलकापुरी में कुबेर के यहाँ हेममाली नाम का माली रोज़ पूजा के लिए फूल लाता था। एक दिन वह पत्नी के साथ समय बिताने में फूल लाना भूल गया।

पूजा में देर होने पर कुबेर ने क्रोध में उसे कोढ़ी होकर धरती पर भटकने का शाप दे दिया।

भटकते हुए वह मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम पहुँचा। ऋषि ने उसे आषाढ़ कृष्ण एकादशी, यानी योगिनी एकादशी का व्रत करने को कहा।

व्रत के प्रभाव से हेममाली रोग से मुक्त होकर फिर अपने पहले रूप में लौट आया।

व्रत की सामान्य विधि दशमी की रात हल्का सात्त्विक भोजन करें और एकादशी की सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी, धूप-दीप और फल अर्पित करके कथा सुनें या पढ़ें। दिन भर अन्न न खाएँ; स्वास्थ्य के अनुसार फल, दूध या केवल जल लें। रात को भजन-कीर्तन करें। अगले दिन द्वादशी को पारण के समय में ब्राह्मण या ज़रूरतमंद को भोजन-दान देकर व्रत खोलें।

परिचय

आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी, योगिनी एकादशी की कथा और व्रत विधि, सरल हिंदी में।

महत्व

पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस व्रत और कथा से पापों का नाश और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।

सवाल-जवाब

योगिनी एकादशी कब है?

30 जून 2027 (बुधवार) को, दिल्ली के समय से। पारण 1 जुलाई को 5:26 AM से 8:14 AM के बीच।

एकादशी के व्रत में क्या खा सकते हैं?

परंपरा में एकादशी पर चावल और अनाज नहीं खाए जाते। फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा, आलू और सेंधा नमक लिया जा सकता है। निर्जला व्रत में जल भी नहीं लिया जाता। स्वास्थ्य ठीक न हो तो अपनी क्षमता के अनुसार व्रत रखें।