श्री राम दरबार: श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी
॥ श्री गणेशाय नमः ॥रविवार, 1 नवंबर 20262:32:52 PMIST
रामकृपासनातन भक्ति का संपूर्ण संग्रह

व्रत कैलेंडर: नवंबर 2026

एकादशी (पारण समय सहित), प्रदोष, संकष्टी (चंद्रोदय सहित), मासिक शिवरात्रि, कालाष्टमी, पूर्णिमा और अमावस्या, दिल्ली के समय से।

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तारीखव्रत और समय
1 नवंबर
रविवार · आज
कालाष्टमी
तिथि: 1 नवंबर, 2:52 PM – 2 नवंबर, 1:11 PM
5 नवंबर
गुरुवार
रमा एकादशी
पारण: 6 नवंबर, 6:36 AM – 8:47 AM
तिथि: 4 नवंबर, 11:03 AM – 5 नवंबर, 10:35 AM
6 नवंबर
शुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
पूजा (प्रदोष काल): 5:32 PM से 8:09 PM
7 नवंबर
शनिवार
मासिक शिवरात्रि
निशिता काल पूजा: 11:38 PM से 8 नवंबर, 12:31 AM
9 नवंबर
सोमवार
कार्तिक अमावस्या
तिथि: 8 नवंबर, 11:28 AM – 9 नवंबर, 12:31 PM
13 नवंबर
शुक्रवार
विनायक चतुर्थी
मध्याह्न पूजा: 11:00 AM से 1:10 PM
20 नवंबर
शुक्रवार
देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी
पारण: 21 नवंबर, 1:10 PM – 3:18 PM
तिथि: 20 नवंबर, 7:16 AM – 21 नवंबर, 6:32 AM
वैष्णव (इस्कॉन) परंपरा में व्रत 21 नवंबर को
22 नवंबर
रविवार
रवि प्रदोष व्रत
पूजा (प्रदोष काल): 5:25 PM से 8:06 PM
24 नवंबर
मंगलवार
कार्तिक पूर्णिमा
तिथि: 23 नवंबर, 11:43 PM – 24 नवंबर, 8:24 PM
27 नवंबर
शुक्रवार
संकष्टी चतुर्थी
चंद्रोदय 8:13 PM (चंद्र अर्घ्य के बाद व्रत खोलें)

समय कैसे तय होता है

  • एकादशी उस दिन मानी गई है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो (स्मार्त परंपरा)। पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद, हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीतने पर और द्वादशी खत्म होने से पहले किया जाता है। इस्कॉन और कुछ वैष्णव परंपराएँ कभी-कभी अगले दिन एकादशी मानती हैं।
  • प्रदोष उस दिन है जिस दिन सूर्यास्त के बाद (प्रदोष काल में) त्रयोदशी हो। सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहते हैं।
  • संकष्टी उस दिन है जिस दिन चंद्रोदय के समय कृष्ण पक्ष की चतुर्थी हो; व्रत चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद खोला जाता है।
  • मासिक शिवरात्रि और कालाष्टमी के लिए आधी रात (निशिता काल) की तिथि देखी जाती है।
  • सभी समय चुने हुए शहर के हिसाब से हैं। स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो तो अपने पंडित जी की बात मानें।

व्रत कथाएँ